Tuesday, May 17, 2011

jago hindustani..

हमारा इतिहास गौरवशाली  इतिहास है लेकिन उस शानदार  इतिहास के कंधो पर खड़े रहकर वर्तमान में नहीं जिया जा सकता .भविष्य सुधर नहीं सकता .उस  इतिहास से केवल प्रेरणा ली जा सकती है .

आजादी के 65 सालो के बाद लोग भूखे मर रहे है .किसान आत्महत्या कर रहे है .स्कूल तो है .पर टीचर नहीं है .शिक्षा नहीं है . सरकार राशन की दुकानों तक राशन तो पहुँचाती है .लेकिन जाता कहा कोई नहीं जानता .यह पता है की जिनका उस राशन पर हक उन्हें नहीं मिलता . सरकार की तरफ से रोज योजनाओ की घोषणा तो होती है पर योजना का हश्र बुरा होता है . मंहगाई  दिन पर दिन सुरसा के मुह की तरह बढ़ रही है .भ्रष्टाचार का रोग देश की नसों में दौड़ रहा है .
खेती पर आधारित हमारी अथर्व्यवस्था में खेती का ही हाल बुरा है.  IAS अफसरों के तबादलों का कोई नीति नियम नहीं है . जब तक कोई अफसर किसी डिपार्टमेंट को समझने की कोशिश करता है उसका तबादला हो जाता है .आये दिन होने वाली हड़ताले (पिछले दिनों एयर इंडिया के पायलटो की हड़ताल से सरकार को अरबो रुपयों का नुकसान हुआ) सिस्टम काम करे तो कैसे ?
इन सबका जिम्मेदार कौन है .सरकार? सिस्टम .या हम सब .सरकार को यह समझ लेना चाहिए की यह पैसा जनता की खून -पसीने की कमाई का है .जिस पर हक़ भी जनता का ही है .
हम सब जानते है .चुनौतिया बहुत है .लेकिन हमें यह भी मान लेना चाहिए की इन चुनौतियों से निपटना हमें ही है .सवा सौ करोड़ की आबादी वाले देश में केवल सरकार के भरोसे रहकर सबकुछ नहीं हो सकता . सच्ची लोकशाही यही है की निचले स्तर तक सिस्टम पर पकड़ नीचे के लोगो की हो .गाव के स्कूल का टीचर,राशनवाला, ग्रामप्रधान,पंचायत ग्रामसभा,(गाँव के लोग) के प्रति जवाबदेह होने चाहिए . भ्रष्टाचार की इस लड़ाई में हम सबको उठकर खड़ा होना होगा .
अन्ना हजारे को जिस तरह का समर्थन मिला ,पोपट राव ने एक गाँव हिवरे बाज़ार में जिस तरह सिस्टम को सही किया, आज वही आवश्यकता पूरे देश की है .
जनता जाग रही है , बंगाल में सत्ता परिवर्तन,तमिलनाडु की भ्रष्ट सरकार को बाहर करना - यह सब दिखा रहा है की जनता अब कठपुतली नहीं रही .उसे समझ में आ गया है की उसे हक़ खुद ही लेने होगे .
आये , जागरण के इस महान मिशन में हम सब एक साथ उठ खड़े हो .

3 comments:

  1. Bahut badhiya soch.. Jai Hind..
    Ham saath hain is muhim mein

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  2. Inn sab baato per vakai vichaar ki jaroorat hai agar vaastav mein barna chahte hai to....

    Hum sab bahut shaktishaali hai jaroorat hai to bas apni shakti ko pehchaan ne ki

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  3. नील भैया मुझे इसी तरह के लेख का इंतजार था। मेरे हिसाब से इस लेख मेँ कुछ इन समस्याओँ के आंकड़े भी दे देते तो और अच्छा रहता। वैसे आगे भी सामाजिक और राजनीतिक विषयोँ पर लेख लिखते रहिए हमे उनका इंतजार रहेगा। ँ कुछ इन समस्याओँ के आंकड़े भी दे देते तो और अच्छा रहता। वैसे आगे भी सामाजिक और राजनीतिक विषयोँ पर लेख लिखते रहिए हमे उनका इंतजार रहेगा।

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